Mahua Live Nalanda: शिक्षकों की वेतन वृद्धि की तिथि जुलाई को ही अक्षुण्ण रखे प्रदेश सरकार – सुनील

बिहार शरीफ(नालंदा)। शिक्षा विभाग के मनमाने आदेश के कारण प्रत्येक वर्ष जुलाई माह में वेतन वृद्धि प्राप्त करने वाले शिक्षकों को नहीं मिल पाएगा 15% वेतन वृद्धि का लाभ। इस पर आपत्ति व्यक्त करते हुए परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवासी ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव,प्राथमिक शिक्षा निदेशक और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों के वेतन वृद्धि की तिथि जुलाई को ही अक्षुण्ण रखने की मांग की है।उक्त बात की जानकारी परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला सचिव सह हरनौत प्रखंड के अध्यक्ष सुनील कुमार व जिला मीडिया प्रभारी दिव्यसम्बल ने बताया।इस संबंध में परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवासी ने कहा है कि सभी शिक्षकों को प्रत्येक वर्ष 3%वार्षिक वेतन वृद्धि मिलती है।राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2021 के प्रभाव से सभी शिक्षकों को 15%वेतन वृद्धि का लाभ देने की घोषणा की है किंतु जिन शिक्षकों ने जुलाई में 3%,वार्षिक वेतन वृद्धि प्राप्त कर लिया उनके द्वारा वेतन वृद्धि के फलस्वरूप प्राप्त किए गए वेतन को उसी 15%वेतन वृद्धि में सामंजित किया जा रहा है और इनके वार्षिक वेतन की तिथि जनवरी 2022 के लिए निर्धारित की जा रही है।इससे 15%के बदले शिक्षकों को मात्र 12%वेतन वृद्धि का लाभ मिल पा रहा है।संघ के जिलाअध्यक्ष रौशन कुमार व महासचिव इरफान मल्लिक ने कहा कि सरकार ने जिस 15%वेतन वृद्धि की घोषणा की है वह वेतन संरचना में सुधार के दृष्टिकोण से है।इस वेतन वृद्धि के बाद भी शिक्षकों के वेतनमान का वास्तविक स्वरूप नहीं मिल पा रहा है।वैसी स्थिति में इस वेतन वृद्धि को वित्तीय उन्नयन या प्रोन्नति नहीं माना जा सकता और इसके आधार पर 6 माह तक वेतन वृद्धि के लिए शिक्षकों को इंतेजार करने के लिए विवश करना शिक्षा विभाग की मनमानी है जिसके खिलाफ संघ उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगा।

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