Mahua Live Nalanda: प्रधानमंत्री द्वारा तीनों काले कृषि कानून वापस लेना किसान आंदोलन की जीत: दिलीप

Mahua Live Nalanda: जिला कांग्रेस कमिटी नालन्दा के अध्यक्ष दिलीप कुमार ने 19 नवंबर को प्रधानमंत्री के द्वारा तीनों कृषि काले क़ानून को वापस लेना किसान आंदोलन की जीत बताया।उन्होंने कहा कि आखिरकार किसानों के सामने सरकार को झुकना ही पड़ा। आंदोलन कारी किसानों ने यह सिद्ध कर दिया की संघर्ष के बल पर किसी भी सरकार को झुकाया जा सकता है। इस लड़ाई ने देशवासियों को एक संदेश दिया है की सच्चाई के लिए लड़ाई लड़ना सिखिए झुकिए नहीं बल्कि आततायी सरकार और हिटलरशाही सरकार को झुकाने की ताक़त रखिए। जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार ने प्रधानमंत्री की देश से क्षमा माँगने के बयान पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इतने बड़े देश के प्रधानमंत्री का इस तरह सैंकड़ों हत्या करवाकर क्षमा याचना करना शोभा नहीं देता है बल्कि उन्हें शुरुआत में ही किसानों के आंदोलन से यह समझ जाना चाहिए था की इन अन्नदाताओं की सभी माँगें जायज़ है और इस किसान विरोधी बिल को वापस ले लेना चाहिए था लेकिन उन्होंने इस किसान आंदोलन को गीदड़ भभकी समझकर इसे दबाना चाहा लेकिन हमारे देश के अन्नदाता किसान अपनी पेट और इस देश की जनता की पेट की ख़ातिर अपनी जान देने पर आमादा थे। आंदोलनकारी किसानों पर क्या क्या जुल्म नहीं ढाया गया उनको आगे बढ़ने से रोकने के लिए बॉर्डर पर से भी कड़ी ब्यवस्था की गयी पहले कँटीले तार से घेर दिया गया उससे भी नहीं मन भरा तो सड़क पर दिवार लगवा दिया गया बड़े बड़े और काफी वजनी कंक्रीट का स्लैब रखवा दिए ठिठुरती ठंड में पानी के फब्बारे बरसाए गए गोलियाँ और आशु गैस तो न जाने कितने बार चलवाए इसकी कोई गिनती नहीं लेकिन हमारे देश के अन्नदाता किसान अपनी मौत की परवाह किए वगैर बहुत लम्बी लड़ाई करीब एक साल तक लड़ी जिसमें करीब 800 किसान शहीद भी हुए जिला कांग्रेस कमिटी भारतीय किसान यूनियन एवं संयुक्त किसान मोर्चा को बधाई भी देती है की आख़िरकार आपकी लड़ाई रंग लायी और किसानों की जीत हुई उन्होंने कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी जी को भी बधाई देते हुए एवं सराहना करते हुए कहा कि इस लड़ाई का बहुत सारा श्रेय आपको भी जाता है आपने सड़क से लेकर सदन तक अन्नदाताओं की लड़ाई लड़ी अपने कांग्रेसजनों को इस अन्नदाता की लड़ाई में साथ देने को कहा और सभी कांग्रेसियों ने आपके इस मुहिम में आपका साथ दिया आपका सदन में दिया गया वह भाषण शिर्फ कोंग्रेसियो को ही नहीं बल्कि सभी देशवासियों को याद है आपने प्रधानमंत्री जी को सम्बोधन करते हुए कहा था की सरकार को हर हाल में इस क़ानून को वापस लेना पड़ेगा तभी जाकर यह आंदोलन समाप्त होगा और आज वह बात साकार हो गयी सरकार को आखिर झुकना ही पड़ा ,जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार ने केंद्र सरकार से माँग करते हुए कहा कि सरकार ने जब अपनी गलती मान ही ली है और किसानों के आंदोलन को जायज़ ठहराया तो इस आंदोलन में जो भी किसान शहीद हुए हैं उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाय एवं उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी के साथ साथ कम से कम एक एक करोड़ रुपया मुआवज़ा के तौर पर देना चाहिए क्योंकि जब कोई बड़ा आंदोलन होता है और आंदोलनकारियों की जब जीत होती है और वहाँ की सरकार जब आंदोलनकारियों के आगे हार जाती है वैसी स्थिति में आन्दोलन में मृत हुए लोगों को शहीद ही कहा जाता है इस आन्दोलन में जितनी भी तरह के आरोप हमारे अन्नदाताओं पर भारतीय जनता पार्टी के मंत्रियों सांसदों विधायकों नेताओं के द्वारा बेबुनिया लगाया गया था किसी ने किसानों को आतंकवादी कहा किसी ने देशद्रोही कहा भा ज पा के नेताओं को जो मन में आया उन्होंने यहाँ तक कि भद्दी भद्दी गालियाँ तक दी आज प्रधानमंत्री जी के साथ साथ उन नेताओं को भी उन आंदोलनकारी किसान भाइयों के के बीच माफी माँगनी चाहिए मुझे उम्मीद है हमारे अन्नदाता उन्हें नासमझ समझकर माफ भी कर देंगें। अंत में जिलाध्यक्ष ने उन शहीद हुए किसानों के प्रति श्रद्धा सुमन एवं श्रधांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हमारे जो भी किसान भाई इस आंदोलन में हताहत हुए हैं वे मरे नहीं हैं बल्कि हमारे ख़ातिर शहीद हुए हैं जिला कांग्रेस नालन्दा उन शहीद हुए किसानों को शलाम करती है और हमेशा उनकी याद में 19 नवंबर को किसान शहीद दिवस के रूप में मनाती रहेगी ।

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