Mahua Live Nalanda: विश्व शांति सद्भाव की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेगा नालंदा विश्वविद्यालय: केंद्रीय विदेश एवं शिक्षा राज्य मंत्री।

नालंदा विश्वविद्यालय समावेश, सद्भाव ,शांति, ज्ञान ,प्रेरणा ,रचनात्मकता और नवाचार के प्रतीक के रूप में अपना स्थान बना रहा है।

Mahua Live Nalanda:विश्व शांति सद्भाव की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेगा नालंदा विश्वविद्यालय उक्त बातें केंद्रीय विदेश एवं शिक्षा राज्य मंत्री डॉ राजकुमार रंजन सिंह ने शनिवार को नालंदा विश्वविद्यालय के नवनिर्मित टीचिंग ब्लॉक का उद्घाटन के मौके पर कही।

दो दिवसीय पर नालंदा दौरे पर पहुंचे मंत्री श्री सिंह को कुलपति प्रोफेसर सुनैना सिंह ने विश्व विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों और विकास कार्यो से अवगत कराया। विश्वविद्यालय की प्रगति पर गहन संतोष व्यक्त करते हुए मंत्री श्री सिंह ने कहा कि कुलपति प्रोफेसर सुनैना सिंह के नेतृत्व में किया गया यह महत कार्य भारतीय नारी शक्ति की अभूतपूर्व क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर के निर्माण में प्राचीन नालंदा की वास्तु शैली के समन्वय की सराहना करते हुए हरित परिसर, जल संसाधन, मितव्ययिता, वर्षा जल संचय, और नेट- जीरो जैसे प्रयोग की भी सराहना की।

माननीय मंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि नालंदा जैसी ज्ञान की संस्थाएं वर्तमान समय में हमारे अंतर संबंधों और समाज को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। नालंदा विश्वविद्यालय समावेश, सद्भाव ,शांति, ज्ञान ,प्रेरणा ,रचनात्मकता और नवाचार के प्रतीक के रूप में अपना स्थान बना रहा है। उन्होंने कहा विभिन्न देशों के छात्रों की भागीदारी नालंदा के समावेशी अनुभव को समृद्ध करती है। जिसका उपयोग मानवता की समृद्धि के लिए एक नॉलेज इको सिस्टम को विकसित करने के लिए किया जा सकता है।

कुलपति प्रोफेसर सुनैना सिंह ने विगत वर्षों में नालंदा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियां और निर्माण कार्यों की प्रगति पर एक प्रजेंटेशन के माध्यम से माननीय मंत्री को अवगत कराया।उन्होंने युवाओं के भविष्य को आकार देने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। शिक्षा के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए कुलपति ने कहा कि हमारे नालंदा की शिक्षण पद्धति में भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक बौद्धिक अन्वेषणो का समन्वय किया गया है। जिससे भविष्य के वैचारिक नेतृत्व करने वाली पीढ़ी का सृजन हो सके। सदियों तक नालंदा शिक्षा का प्रतिष्ठित केंद्र था जिसने पूरे एशिया के विद्वानों को आकर्षित किया और अंतर एशिया ज्ञान और वार्ता का केंद्र बिंदु बन गया। आज का नालंदा विश्वविद्यालय भी वैश्विकृत दुनिया के लिए आशा ज्ञान और सुरक्षा के एक प्रकाश स्तंभ के रूप में उभर रहा है। माननीय मंत्री ने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न भवनों और नवनिर्मित सुविधा केंद्रों का दौरा किया। इस दौरान विश्वविद्यालय में हाल ही में बनाए गए स्कूलों और केंद्रों के बारे में बताने के लिए स्वयं कुलपति प्रोफेसर सुनैना सिंह और फैकल्टी मेंबर्स के साथ-साथ अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। माननीय मंत्री के सम्मान में विश्वविद्यालय के मिनी ऑडिटोरियम में छात्रों द्वारा एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों ने विश्वविद्यालय के बहुसांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन किया। ध्यातव्य है कि विश्वविद्यालय में 30 से अधिक देशों के छात्र अध्ययनरत हैं। माननीय मंत्री की यह यात्रा एशियाई पुनरुत्थान के प्रतीक के रूप में प्राचीन नालंदा ज्ञान परंपरा के पुनरूद्धार के लिए किये जा रहे भारत सरकार के प्रयास को दर्शाती है।

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