Mahua Live Nalanda: अतिक्रमण एवं शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है प्लस टू विद्यालय चिकसौरा।

हिंदी ,अंग्रेजी एवं अर्थशास्त्र में नहीं है एक भी शिक्षक।

अतिक्रमित जमीन को मुक्त कराने को लेकर प्रधानाध्यापक ने वरीय पदाधिकारियों से लगाई गुहार

Mahua Live Nalanda:- हिलसा प्रखंड का राजकीयकृत नंदकेशवर सिंह प्लस टू उच्च विद्यालय चिकसौरा अतिक्रमण एवं शिक्षकों की कमी के कारण बदहाल है। प्रधानाध्यापक राम कुमार ओझा ने जिला के बंदोबस्त पदाधिकारी, शिक्षा अधीक्षक तथा हिलसा के अंचलाधिकारी को आवेदन देकर विद्यालय की 2 एकड़ अतिक्रमित जमीन को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए गुहार लगाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जैतीपुर गांव निवासी समाजसेवी व समृद्ध किसान नंदकेशवर सिंह ने वर्ष 1963 के पूर्व चिकसौरा के पास 5 एकड़ 23 डिसमिल जमीन विद्यालय खोलने के लिए दान में दिया था। इसी जमीन पर जमीन दाता के नाम पर नंदकेशवर सिंह उच्च विद्यालय की स्थापना वर्ष 1963 में की गई थी। बाद में इस विद्यालय को राष्ट्रीयकृत कर लिया गया। पिछले साल इस विद्यालय को प्लस टू विद्यालय का दर्जा भी मिल चुका है। इस विद्यालय में दूरदराज से लगभग 600 छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए आते हैं। अध्यापन कार्य के लिए यहां 8 शिक्षक पदस्थापित हैं। एक किरानी तथा एक परिचारी नियुक्त हैं। जबकि रात्रि प्रहरी अभी नहीं है। आश्चर्यजनक तथ्य है कि 600 विद्यार्थियों को पढ़ाये जाने के लिए यहां अर्थशास्त्र, हिंदी तथा अंग्रेजी विषय के एक भी शिक्षक पदस्थापित नहीं है। विद्यालय में शौचालय , पेयजल, बिजली तथा प्रयोगशाला की सुविधा है। शुद्ध पेयजल के लिए विद्यालय के प्रधानाध्यापक के द्वारा आरओ की व्यवस्था की गई है। वर्तमान समय में यहां तीन कमरों में अध्ययन का कार्य होता है। विद्यालय की सीढ़ी तथा फर्श जर्जर होकर जहां-तहां से टूट रहा है। विद्यालय में चहारदीवारी नहीं रहने के कारण इसका मैदान मवेशियों का चारागाह बना हुआ है। सबसे बड़ी समस्या अतिक्रमणकारियों का है। विद्यालय के 5 एकड़ 23 डिसमिल जमीन में से 2 एकड़ जमीन पर अतिक्रमणकारियों ने अपना कब्जा जमा लिया है। इस संबंध में पूछे जाने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक राम कुमार ओझा ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में जिला बंदोबस्त पदाधिकारी के यहां दिनांक 1 मार्च को पत्रांक संख्या 227 के तहत आवेदन दिया है। इसके पूर्व पत्रांक 213 दिनांक 23 जनवरी को उनके कार्यालय में विद्यालय के अतिक्रमण भूमि संबंधित ब्योरा दी गई थी। जिसमें कुल भूमि 5 एकड़ 23 डिसमिल, अहाते से बाहर 2 एकड़ 60 डिसमिल, खाता संख्या 329 खेसरा संख्या 2044, रकबा 2 एकड़ 50 डिसमिल, लगभग 1 एकड़ में भवन निर्मित दर्शाया गया है। जिसमें उन्होंने 2 एकड़ अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त कराने की गुहार लगाई है। इसी प्रकार प्रधानाध्यापक के द्वारा हिलसा के अंचलाधिकारी के यहां पत्रांक 219 दिनांक 4 फरवरी को आवेदन देकर अतिक्रमणकारियों से 2 एकड़ भूमि को मुक्त कराए जाने संबंधित आग्रह किया गया है। इसी प्रकार पत्रांक 264 दिनांक 7 दिसंबर को प्रधानाध्यापक ने जिला शिक्षा पदाधिकारी के यहां आवेदन देकर अधिक्रमित भूमि को मुक्त कराए जाने संबंधित गुहार लगाई है। अधिक्रमित भूमि से संबंधित पूछे गए सवाल पर प्रधानाध्यापक ने बताया कि नक्शा मेरे पास है। पूरे जमीन की मापी कराए जाने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि विद्यालय की जमीन पर कितने लोगों ने अतिक्रमण किया है। इस संबंध में पूछे जाने पर हिलसा के अंचलाधिकारी ने बड़ी चतुराई से विद्यालय के प्रधानाध्यापक के द्वारा किसी भी प्रकार के आवेदन नहीं किए जाने की बात करते हुए पल्ला झाड़ लिया। इस संबंध हिलसा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी वैजनाथ चौधरी से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल बंद रहने के कारण उनसे बात नहीं हो पाई। फोटो ।

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