मजाक बना शिक्षा व्यवस्था : बिना सूचना विद्यालय से गायब रहने वाले शिक्षक बना रहे हैं फर्जी उपस्थिति


नवादा : रजौली प्रखंड के धमनी पंचायत के बुढ़ियाशख गांव में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय हमेशा बंद रहता है। सरकारी स्कूल के शिक्षक की गजब मनमानी चल रही है यही शिक्षक स्कूल आए बिना ही फर्जी तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं बच्चों अभिभावक आवाज नहीं उठाई इसलिए उनकी भी उपस्थिति बना दी जाती है रजौली प्रखंड के धमनी पंचायत के बुढ़ियाशख गांव के ग्रामीण ने बताया कि यहां स्कूल साल में कभी-कभी खुलता है इस विद्यालय में चार शिक्षक है जिसे महीन में एक दिन वो शिक्षक एक दो वो शिक्षक कर आते है ओर झाड़ू लगकर साफ सफाई कर स्कूल से अपने उपस्थिति दर्ज कर चले जाते हैं और इस गांव के बच्चों को कोई शिक्षा नहीं मिला पता है ।इस स्कूल के जो भी शिक्षक हैं हमेशा गायब रहते हैं ग्रामीणों को कहना है कि हम लोग अपने मुखिया को भी इस बारे में कई बार बताया है लेकिन मुखिया द्वारा सिर्फ आश्वासन मिलता है कि स्कूल खुलेगा खुलेगा लेकिन स्कूल कभी नहीं खुलता है हम लोग गांव ग्राम के लोग हैं हम लोग मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाते हैं। और अनपढ़ है जिससे कुछ ऐसा अधिकारी तक जाने की जानकारी नहीं है कि किस के पास जाकर शिकायत करे और हमारे गांव में स्कूल खुले हर रोज हमारे घर के हर बच्चा -बच्चियां पढ़ेगा और इस गाँव का नाम रोशन हो हम लोग का भी सपना है कि हमारे गांव में भी सब लोग खूब बड़े-बड़े अधिकारी पढ़ लिखकर बने लेकिन हमलोग का सपना ही लगता है बना कगत रहा जायेगा क्योंकि हमलोग जंगल क्षेत्र में रहते हैं हम लोग को कुछ पता नहीं है इसलिए हमारे गांव में जो स्कूल है हमारे स्कूल के जो शिक्षक हैं यहां मजाक बना के रखये हुआ है हमारे गांव में यही एक स्कूल है शिक्षा का जो स्कूल हमेशा बंद रहता है हमारे गांव के बच्चा बच्चियां यही वजह से शिक्षित नही है जो भी सरकार का स्कूल है इसमें शिक्षक ही हमेशा गायब रहते हैं तो हमारे बच्चे बच्चियां शिक्षा का प्राप्त कैसे करेगा अभी फिलहाल में होली फैमिली से एक शिक्षिका आती है तो हमारी छोटी छोटी बच्चों को सिलाई बुनाई के बारे में बता रही है लेकिन सरकारी स्कूल में अभी तक किसी तरह का कोई पढ़ाई नहीं होता है और हमेशा शिक्षक गायब रहते हैं और विद्यालय हमेशा बंद रहता जब वहां के प्रधानाध्यापक द्वारा गांव स्कूल जाकर पत्रकार द्वारा फोन लगाया गया तो और पूछा गया आपका स्कूल बंद है तो स्कूल प्रधानाध्यापक विनोद कुमार द्वारा जवाब आया कि या स्कूल हर रोज बंद रहता है आपको जो छापने छाप दीजिए मुझे कुछ होने वाला नहीं है बताइए कि जब शिक्षक जो ज्ञान का भंडार कहते हैं वह इस तरह से भाषा का प्रयोग करते हैं तो क्या या अपने स्कूल में कितने बच्चों को या शिक्षा दे पाएंगे और बताते चलें कि रजौली प्रखंड के जंगली गाँव मे सभी स्कूल का इसी तरह से बंद होना और जिससे गाँव के ग्रामीण में आक्रोश रहता है कि कोई भी शिक्षक या कोई नियमित ढंग से कोई भी विद्यालय नहीं खुलता है तब मजबूर होकर हमलोग अपने बच्चों को आपने बच्चों को मजदूरी करने भेज देते हैं इससे हमारे बच्चे हमेशा अनपढ़ रह जाता है जिससे सरकार द्वारा कोई भी योजना की जानकारी कभी नहीं मिल पाती है। और जंगली क्षेत्र के गांव के लोग अनपढ़ रह जाते हैं ग्रामीणों द्वारा जंगली क्षेत्र के स्कूलों की जांच की मांग की गई है।

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