संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारी को लेकर बैठक

112 लोगों को मुआवजे का भुगतान किया गया। जिनमें से हरदेव भवन सभागार में 17 लोगों को जनप्रतिनिधिगण द्वारा मुआवजे का चेक हस्तगत कराया गया

बिहार शरीफ( नालंदा) संभावित बाढ़/सुखाड़ की पूर्व तैयारी को लेकर आज हरदेव भवन सभागार में बैठक आहूत की गई।
इस बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री, सांसद नालंदा, विधायक बिहारशरीफ, विधायक हिलसा एवं विधायक राजगीर शामिल हुए। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विगत दो-तीन वर्षों में विभिन्न प्रकार की आपदा से पीड़ित/आश्रित, जिन्हें आपदा से संबंधित मुआवजे की राशि का भुगतान विभिन्न कारणों से नहीं हुआ था, ऐसे 112 लोगों को मुआवजे का भुगतान किया गया। जिनमें से हरदेव भवन सभागार में 17 लोगों को माननीय जनप्रतिनिधिगण द्वारा मुआवजे का चेक हस्तगत कराया गया।

शेष पीड़ितों/आश्रितों को उनके बैंक खाते में राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया गया


शेष पीड़ितों/आश्रितों को उनके बैंक खाते में राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया गया है। इनमें सड़क दुर्घटना मृत्यु, वज्रपात, आगजनी, पशु क्षति, डूबने से मृत्यु आदि जैसे मामले से संबंधित मुआवजे की राशि का भुगतान किया गया।
बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर जिलाधिकारी द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से एक-एक बिंदु के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

जिला में कुल 22 परिचालन योग्य एवं 14 मरम्मत योग्य सरकारी नाव् उपलब्ध है


संसाधन मानचित्रण के क्रम में बताया गया कि जिला में कुल 22 परिचालन योग्य एवं 14 मरम्मत योग्य सरकारी नाव् उपलब्ध है। दो मोटर बोट, लगभग 6 हजार पॉलिथीन शीट, 200 टेंट आदि संसाधन उपलब्ध है।
बाढ़ की स्थिति में लोगों के सुरक्षित आश्रय स्थल के लिए कुल 174 स्थानों को चिन्हित किया गया है। 190 स्थलों को सामुदायिक रसोई केंद्र के संचालन हेतु चिन्हित किया गया है।
बाढ़ आपदा की स्थिति में पीड़ितों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर मेडिकल टीम का गठन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी आवश्यक मानव दवा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

आपदा की स्थिति में 11 प्रकार की पशु दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है


पशुपालन विभाग द्वारा पशु चारा का दर निविदा की प्रक्रिया के माध्यम से निर्धारित किया गया है। 43 पशु आश्रय स्थल भी चिन्हित किए गए हैं। आपदा की स्थिति में 11 प्रकार की पशु दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। सभी प्रखंडों में एक-एक पशु चिकित्सा दल का गठन किया गया है। पशुओं के पेयजल सुविधा हेतु पीएचईडी के माध्यम से 21 कैटल ट्रफ पूर्व में निर्माण कराया गया था। इनमें से कुछ क्षतिग्रस्त हुए थे, जिनकी मरम्मती करा कर सभी को क्रियाशील अवस्था में लाया गया है।बाढ़ पूर्व कराए जाने वाले कटाव निरोधी कार्य के संबंध में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल बिहार शरीफ द्वारा 13 तथा बख्तियारपुर प्रमंडल अंतर्गत 5 योजनाओं का कार्य विभिन्न चरणों में है, जिसे शीघ्र पूरा किया जाएगा।

बाढ़ आपदा की दृष्टिकोण से अक्राम्य/संवेदनशील स्थलों को भी चिन्हित किया गया है


इसके साथ ही बाढ़ आपदा की दृष्टिकोण से अक्राम्य/संवेदनशील स्थलों को भी चिन्हित किया गया है। बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल एकंगरसराय द्वारा 34 ऐसे स्थलों को चिन्हित किया गया है, जहां कटाव निरोधी कार्य के लिए आवश्यक सामग्रियों का पूर्व भंडारण सुनिश्चित कराया जाएगा।
जिलाधिकारी द्वारा जमींदारी बांध/तटबंध की मरम्मती कार्य से संबंधित 14 स्थलों की सूची जल संसाधन विभाग को भेजी गई है।

पिछले वर्ष की बाढ़ आपदा के कारण ग्रामीण कार्य विभाग के कुल 51 पथों को क्षति पहुंची थी


जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि पिछले वर्ष की बाढ़ आपदा के कारण ग्रामीण कार्य विभाग के कुल 51 पथों को क्षति पहुंची थी, जिसकी आवश्यक मरम्मती विभाग के माध्यम से की जा चुकी है। जनप्रतिनिधिगण द्वारा भी अपने क्षेत्र से संबंधित बाढ़ आपदा कटाव के दृष्टिकोण से संवेदनशील स्थलों की सूची उपलब्ध कराई गई। कतरी सराय में अवैध खनन से क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मती हेतु कार्रवाई करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला के सभी जमींदारी बाँधों को सूचीबद्ध कराया गया है। जिसकी सूची सभी जनप्रतिनिधिगण को भी उपलब्ध कराई गई।पेयजल की उपलब्धता को लेकर बताया गया कि जिला के विभिन्न वार्डों में कनेक्शन से छूटे हुए घरों को पेयजल का कनेक्शन देने के लिए पीएचईडी के माध्यम से 70 तथा पंचायती राज विभाग के माध्यम से 142 नई योजनाओं का क्रियान्वयन कराया जा रहा है।

किन-किन लोगों ने बैठक में लिया हिस्सा


बैठक में मंत्री ग्रामीण विकास विभाग, सांसद नालंदा, विधायक बिहार शरीफ, विधायक हिलसा, विधायक राजगीर, जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंतागण, अन्य कार्यकारी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी अंचलाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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