Mahua Live Nalanda: विद्यार्थी विज्ञान मंथन के राष्ट्रीय शिविर में सैनिक स्कूल नालंदा के 7 छात्र चयनित

बिहार शरीफ (नालंदा)सैनिक स्कूल नालंदा के 7 सैन्य छात्र ने विद्यार्थी विज्ञान मंथन के राष्ट्रीय शिविर में चयनित होकर पूरे बिहार राज्य को गौरवान्वित किया है ।
ज्ञात हो कि विगत 13 फरवरी 2022 को पटना में आयोजित राज्य स्तरीय शिविर के आधार पर सैनिक स्कूल के कैडेट सुहान सिंह, प्रिंस कुमार, अनुराग श्रीवास्तव, लक्ष्य वर्धन, आदित्य राज, ओंकार बाबू और आदर्श कुमार का चयन राष्ट्रीय कैम्प के लिए हुआ है। 27 मार्च 22 को आयोजित ऑनलाइन समारोह में बिहार सरकार की माननीया उपमुख्यमंत्री श्रीमती रेणु देवी द्वारा उक्त प्रतिभाशाली छात्रों को प्रशस्तिपत्र एवं नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। विज्ञान भारती के संचालन परिषद के सदस्य प्रो शंकर तत्ववादी इस अवसर पर मुख्य अतिथि तथा प्रोफेसर आनंद प्रकाश, कुलपति, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी विशिष्ट अतिथि रहे। ऑनलाइन सम्मान समारोह में विद्यार्थी विज्ञान मंथन के 18 राज्य स्तरीय विजेताओं को सम्मानित किया गया। ज्ञात हो कि सैनिक स्कूल नालंदा से इस अतिप्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के शिविर के लिए सबसे अधिक 7 छात्र चयनित हुए हैं ।
सैनिक स्कूल के प्राचार्य कर्नल तमोजीत विश्वास ने इस शानदार सफलता पर सफल कैडेटों, शिक्षकों और उनके अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने इस सफलता का श्रेय शिक्षकों और सैन्य छात्रों द्वारा किए गए सहयोगात्मक और ईमानदार प्रयासों को दिया। उन्होंने भविष्य में अपनी वर्तमान सफलता को बनाए रखने और कक्षाओं से परे देखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान शिविर में कैडेटों की भागीदारी रचनात्मकता, सकारात्मक सोच और नवाचार को बढ़ावा देगी और विविध अनुभवों के साथ-साथ सीखने के नए अवसर प्रदान करेगी।
उल्लेखनीय है कि बिहार और झारखंड के कुल 112 छात्रों को राज्य स्तरीय शिविर के लिए चुना गया था, जिसमें 15000 पंजीकृत छात्रों ने वीवीएम स्तर -1 परीक्षा का प्रयास किया था।
विद्यार्थी विज्ञान मंथन परीक्षा विज्ञान भारती (विभा) द्वारा विज्ञान प्रसार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), के संयुक्त तत्वावधान में एक संस्थान के तहत एक स्वायत्त संगठन के सहयोग से आयोजित की जाती है। यह कक्षा छठवीं से ग्यारहवीं तक के स्कूली छात्रों के बीच विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक अभिरुचि के साथ विशिष्ट प्रतिभा की पहचान करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.