Mahua Live Nalanda: रक्तदान के प्रति तरह तरह की भ्रांतियों से बचें यह महादान है : रोहित

बिहार शरीफ(नालंदा) । रक्त को लेकर आज भी हमारे समाज मे तरह तरह की भ्रांतियां हैं। कोई कहता है कि रक्तदान करने से कमजोरी आ जाती है तो कोई कहता है कि रक्तदान से संक्रामक बीमारियां होती है, जो कि पूरी तरह से हास्यास्पद और स्वैच्छिक रक्तदान में बाधक है। चोरसुआ गाँव निवासी पर्यावरण साथी व पेशे से शिक्षक रोहित कुमार ने आठवीं बार स्वैच्छिक रक्तदान करते हुए बताया कि आज पूरे देश के अस्पतालों में रक्त की भारी कमी है। ख़ासकर दुर्घटना में घायल बहुत सारे लोगों की मृत्यु खून की कमी व समय पर खून नहीं मिलने के कारण हो जाती है, जो हमारे शिक्षित समाज के लिए काफी शर्म की बात है। पढ़ें लिखे लोगों में भी आज रक्तदान से सम्बंधित बहुत सारी गलत धारणाएं ज़ड़ जमाए हुए है। उन्होंने कहा कि रक्दान करने से आत्मसंतुष्टि, सामाजिक दायित्वों का निर्वहन के साथ साथ शरीर को भी अनेको फायदा होता है। लोगों को साल में काम से कम दो बार रक्तदान करने हेतु प्रेरित करते हुए रोहित कुमार ने कहा कि रक्तदान के अनेकों फायदे हैं और नुकसान शून्य है। आमतौर पर लोग रक्त दान करने से इसलिए डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे शरीर में कमज़ोरी हो जाएगी। जबकि ऐसा नहीं है। ब्लड डोनेट करने से शरीर को कई फायदे मिलते है। अगर हर व्यक्ति हर तीन महीनें में नियमित रूप से रक्तदान करे। उन्होंने कहा कि ब्लड डोनेशन से आप किसी ज़रूरतमंद की जान बचाते हैं, और साथ ही अपने शरीर को *कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, हर्ट अटैक, बी पी, कैंसर, अधिभार, भी कई फायदे होते हैं। यही वजह है कि लोगों को इसके बारे में जागरुक करना बेहद ज़रूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *