Mahua Live Nalanda: मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए सदर अस्पताल में आपाधापी

बिहार शरीफ(नालंदा) । शिक्षक नियोजन समेत अन्य विभागों में नियुक्ति के वक्त अभ्यर्थियों से मेडिकल फिटनेस मांगी गयी है। इसके लिए दो दिनों से सदर अस्पताल में अभ्यर्थियों की ऐसी भीड़ उमड़ रही है कि कहीं भी तिलभर जगह नहीं रहती है। सात बजे से ही निबंधन काउंटर पर अभ्यर्थियों की लंबी लाइन लग जाती है। शुक्रवार को अनियंत्रित भीड़ ने ईसीजी कक्ष में तोड़ फोड़ की। इसमें दरवाजे व खिड़की में लगे शिशे व अन्य सामान को तोड़ा।स्वास्थ्यकर्मियों की माने तो भीड़ के कारण अभ्यर्थियों को संभालना मुश्किल हो रहा है। करीब 300 से 350 लोगों की ईसीजी जांच कर रिपोर्ट दी जा रही है। एक रिपोर्ट को तैयार करने में कम से कम 10 मिनट का समय लगता है। यही कारण है कि भीड़ जमा हो जाती है। गाली गलौज करते हुए काम का दबाब बनाते हैं । इसकी जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गयी है। बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है। इस कारण जांच करनें में स्वास्थ्यकर्मियों को जांच करने व रिपोर्ट तैयार करने में काफी कठिनाइयों को सामना करना पड़ रहा है। हरनौत से आयी संयोगिता कुमारी, पावापुरी से आयी स्वेता सुमन, अस्थावां से आया कृष्णकांत कुमार व अन्य ने बताया कि सदर अस्पताल से मेडिकल फिटनेस लेना एक जंग जीतने के बराबर है। हर काउंटर पर एक से डेढ़ घंटे तक खड़ा रहने के बाद रिपोर्ट मिल रही है। चिकित्सक करीब नौ तरह की जांच के बाद मेडिकल फिटनेस का प्रमाण पत्र दे रहे हैं। जिन्हें बनाने में पसीने छूट जाते हैं।डीएस डॉ. आरएन प्रसाद ने बताया कि अभ्यर्थियों के एकाएक भीड़ आने के कारण परेशानियां बढ़ गयी है। इसी व्यवस्था में उन्हें प्रमाण पत्र देना भी है। सीएस को इस संबंध में पत्राचार किया गया है। अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अलग से डॉक्टर की तैनाती की गयी है। जिनके हस्ताक्षर के बाद प्रमाण पत्र दिया जा रहा है।

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