Mahua Live Nalanda: धावा दल रोकेगा अवैध बालू खनन ,अधिक खनन वाले स्थानों पर विभाग करेगा छापेमारी

बिहार शरीफ(नालंदा)। अवैध बालू खनन का खेल जिले में बदस्तूर जारी है। इसे रोकने के लिए खनन विभाग ने कमर कस ली है। जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में धावा दल का गठन किया गया है। इसमें एसडीओ, एसडीपीओ, डीटीओ भी शामिल होंगे। दल ऐसे स्थानों पर छापेमारी करेगा, जहां माफियाओं का राज चलता है। भारी मात्रा में बालू का खनन किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो विभाग ने ऐसे स्थानों की सूची बनायी है, जहां अधिक मात्रा में बालू का खनन हो रहा है। यह सूची डीएम शशांक शुभनकर को भेजी गयी है। इसके बाद इन स्थानों पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। पिछले कई सालों से पुलिस-प्रशासन द्वारा इस धंधे को रोकने की कोशिश हो रही है। गाहे-बगाहे पुलिस की भी संलिप्तता के मामले भी सामने आते रहते हैं। अब देखना है कि इस कदम से बालू का अवैध धंधा रुकता है या नहीं। जिला खनन पदाधिकारी शशि कुमार ने बताया कि विभाग बालू माफियाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेगी। बालू धंधेबाजों पर लगाम लगाने के लिए धावा दल का गठन किया गया है। अवैध बालू खनन के संभावित स्थानों को चिह्नित किया गया है।जिले में एक छटांक बालू नहीं, फिर भी हो रहा निर्माण:
जिले में बालू का एक छटांक स्टॉक नहीं है। सरकारी खनन दो साल से बंद है। इसके बाद भी जिले में निर्माण कार्य धड़ल्ले से हो रहे हैं। यह हैरत की बात है। विभाग की मानें तो नवादा सहित अन्य जिलों से बालू की आपूर्ति हो रही है। हालांकि, जिस रफ्तार से भवन निर्माण का काम चल रहा है, उससे साफ जाहिर है कि बालू की पूर्ति अवैध धंधेबाज ही कर रहे हैं। सुबह लोगों की नींद खुलने से पहले ही बालू के धंधेबाज निर्माण स्थलों तक इसकी आपूर्ति कर देते हैं। अभी प्रति ट्रैक्टर बालू की कीमत करीब 6हज़ार रुपये है। सरकारी खनन के बाद यही बालू 4 हज़ार रुपये के करीब पड़ेगा। हालांकि, हाल फिलहाल नालंदा में बालू खनन होने की उम्मीद नहीं है। बालू घाटों का सर्वे कर विभाग को रिपोर्ट भेजी गयी है। उसपर फैसले के बाद घाटों की नीलामी होगी। इसके बाद ही खनन शुरू होने की उम्मीद है। 
इन स्थानों पर धंधेबाजों की चांदी:
वैसे तो पूरे जिले में बालू का अवैध खनन हो रहा है। जहां-जहां से नदियां गुजरती हैं, वहां रात के अंधेरे में बालू का उठाव हो रहा है। इनमें से मानपुर, गिरियक, कतरीसराय, बिन्द, हिलसा, कराय परसुराय, इस्लामपुर व बिहारशरीफ के कुछ इलाके बालू खनन के लिए अधिक बदनाम है। जिले की सकरी, पंचाने, गोइठवा, सोइबा, मुहाने आदि नदियों से बालू का अवैध खनन हो रहा है। कहीं अधिकारियों की मिलीभगत से तो कहीं लाठी के जोर पर। कुछ दिन पहले ही बालू माफियाओं ने गिरियक थाना की टीम पर हमला कर दिया था। थानाध्यक्ष समेत कई जवान जख्मी हो गये थे। मानपुर थाना क्षेत्र में तो बालू के अवैध खनन का रक्तरंजित इतिहास रहा है। कई हत्याएं हो चुकी हैं। दीपनगर थाना क्षेत्र में बालू के विवाद में कई लोगों को जान ली गयी है। यही हाल बिन्द व करायपरसुराय का है। सूत्रों के अनुसार बालू के अवैध धंधेबाज स्थानीय दबंगों की देखरेख में घाटों से बालू का उठाव करते हैं। रात के अंधेरे में ही बालू को ठिकाने पर पहुंचा दिया जाता है। ट्रैक्टर के आगे-आगे बाइक पर धंधेबाज चलते हैं ताकि पुलिस के मूवमेंट पर नजर रख सकें। सरकार को मिलने वाली चालान की राशि धंधेबाजों की जेब में जा रही है। कई बार वायरल वीडियो और ऑडियो से यह बात सामने आती रहती है कि पुलिस की भी मिलीभगत इस धंधे में है।

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