Mahua Live Nalanda:शराब कारोबारियों के अलावे निर्दोष लोगों के घरों को तोड़ने का नोटिस देना न्याय संगत नहीं: सीपीआई

बिहार शरीफ (नालंदा)शराब कारोबारियों के अलावे निर्दोष लोगों के घरों को तोड़ने का नोटिस देना न्याय संगत नहीं उक्त बातें सीपीआई नेता मोहन प्रसाद ने रविवार को सीपीआई कार्यालय के समीप आयोजित बैठक के दौरान कही। सैकड़ों की संख्या में बैठक में शामिल मोहल्ले वासियों को संबोधित करते हुए श्री मोहन ने कहा कि विगत 29 जनवरी को अतिक्रमण बाद के खिलाफ निकाले गए प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी से मिलने गए डेलिगेशन को यह आश्वासन दिया गया था कि शराब कारोबारियों के अलावे किसी का भी घर नहीं तोड़ा जाएगा । लेकिन जिला प्रशासन द्वारा वादाखिलाफी करते हुए शनिवार कि संध्या 20 निर्दोष लोगों के घरों पर 17 फरवरी को घर तोड़ने का नोटिस चिपकाया जाना कहीं से भी न्याय संगत नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार शरीफ शहर में अधिकांश जगहों पर लोग गैरमजरूआ जमीन पर कब्जा कर बसे हुए हैं लेकिन उनके ऊपर कारवाई ना करके सिर्फ पहाड़ी पर बसे लोगों को टारगेट करके जिला प्रशासन द्वारा साजिश के तहत कार्रवाई की जा रही है। श्री मोहन ने कहा कि 11 फरवरी से जितने भी मकान को तोड़ा जा रहा है वह पूरी तरह से गलत है क्योंकि जब शराब कारोबार में लिप्त लोगों ने न्यायालय में समर्पण कर दिया और उनके ऊपर कारवाई भी हो चुकी है उसके बाद भी उनके अनुपस्थिति में घर तोड़ा जाना उचित नहीं। सीपीआई नेता शिव कुमार यादव उर्फ सरदार जी ने कहा कि शराब कारोबारियों के बाद पुनः 20 लोगों के घरों पर नोटिस देना न्याय संगत नहीं है। उन्होंने कहा कि अनुभव की कमी के कारण जिला प्रशासन के द्वारा इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।उन्होंने कहा कि 15 से 20 साल तक बसे लोगों को मालिकाना हक हो जाता है ऐसी परिस्थिति में जिला प्रशासन द्वारा 29 जनवरी को दिए गए आश्वासन के बाद भी इस तरह की करवाई किया जाना उचित नहीं ।

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