जनहित की खबरें

सम्मान निधि के 15 हजार आवेदन सीओ के पास लंबित

Share Now

Nalanda :

पीएम किसान सम्मान निधि की 13 वीं किस्त जल्द ही किसानों के खाते में आने वाला है। लेकिन जिन किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है उन्हें योजना से वंचित होना पड़ेगा। अभी तक करीब 19 प्रतिशत किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराया है। इसके अलावा विभागीय कारणों से भी कुछ आवेदन लंबित हैं। मिली जानकारी के मुताबिक सीओ स्तर से करीब 15 हजार आवेदन लंबित हैं। जिन किसानों का जमीन वेरिफिकेशन नहीं किया गया है उसे सीओ स्तर से नो सीडिंग कर छोड़ दिया गया है। ऐसे में सीओ स्तर से जांच कर पेंडिंग आवेदन को सत्यापित नहीं किया गया तो इन किसानों को भी राशि से वंचित होना पड़ेगा। वहीं कृषि कर्मियों द्वारा घोर लापरवाही बरतते हुए कुछ किसानों को मृत घोषित कर दिया गया है। इस मामले में संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। डीएओ संजय कुमार ने कहा कि पीएम किसान सम्मान योजना की अगली किस्त लेनी है तो हर हाल में 20 जनवरी तक ई-केवाईसी करा लेना होगा। इस बार चूक गये तो 30 जनवरी को जारी होने वाली 13 वीं किस्त की राशि नहीं मिलेगी। डीएओ ने ई-केवाईसी नहीं कराने वाले किसानों की सूची संबंधित पंचायत के जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ताकि बाद में इन लोगों की तरफ से किसी तरह की आपत्ति नही हो।

7 दिन के अंदर क्रय करना होगा यंत्र
डीएओ ने कहा कि यदि किसी किसान को कृषि यंत्र क्रय करना है तो 17 जनवरी तक आवेदन करना होगा। दोबारा आवेदन का मौका नहीं मिलेगा। डीएओ ने कहा कि कुछ लोग परमिट मिलने के बाद भी यंत्र का क्रय नहीं कर रहे हैं। ऐसे किसानों को 7 दिना का मौका दिया जा रहा है। परमिट मिलने के बाद 7 दिन के अंदर यंत्र क्रय नहीं किया जाता है तो परमिट रद्द कर दिया जाएगा। ताकि जो किसान वेटिंग लिस्ट में हैं उन्हें मौका दिया जा सके। इस मौके पर सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण आनंद कुमार, जिला परामर्शी कुमार किशोर नंदा, पुरूषोत्तम कुमार सिंह, शिशुपाल आदि उपस्थित थे।

कर्मियों पर भी होगी कार्रवाई
लाभुकों का विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन भी कराया जा रहा है। ताकि लाभुकों की वर्तमान स्थिति की जानकारी विभाग को मिल सके। किसी किसान की मृत्यु हो गई है या पेंशनधारी है तो उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया जाना है। लेकिन कुछ किसानों को जिंदा रहते हुए भी कृषि कर्मियों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया है। इन किसानों का आवेदन लेकर योजना में शामिल किया जा रहा है। साथ ही जिन कर्मियों के स्तर से इस प्रकार की गड़बड़ी की गई है उनपर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीएओ ने कहा कि पहले स्पष्टीकरण पूछा जा रहा है। संतोषजनक जबाव नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।