Mahua Live Nalanda: परिवारिक जिम्मेदारी को देखते हुए किशोर आरोपी को जेजेबी ने किया दोषमुक्त।

हिलसा कोर्ट से 2021 में जेजेबी में स्थानांतरण के उपरांत छह माह की सुनवाई में हुआ फैसला

27 वर्ष पूर्व का था मामला

बिहारशरीफ (नालंदा) । जिला किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी मानवेन्द्र मिश्र ने आरोपी किशोर के उपर पारिवारिक जिम्मेवारी व निम्न आर्थिक स्थिति के मद्देनजर दोषमुक्त करने का निर्देश दिया। आरोपित किशोर घटना के समय साढ़े 16 वर्ष का था जबकि न्याय मिलने तक वह 43 वर्ष का है। उसके परिवार में विधवा मां, पत्नी व तीन बच्चे हैं जो उस पर आश्रित हैं। वह प्राइवेट स्कूल में चालक व गार्ड का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा है। इस मामले की प्राथमिकी एकंगरसराय थाना के तहत अप्रैल 1995 में खिरौरी ग्रामवासी राजू कुमार के फर्द बयान पर दर्ज किया गया था। जिसके अनुसार 25 अप्रैल 95 के दस बजे रात्रि में सूचक परिवार के साथ छत पर सोया हुआ था तभी डकैत आ गए और सूचक के भाई नेपाली महतो से घर की चाबी मांगते हुए दो फायर किया। जिसमें वह जख्मी हो गया उसके बाद उसकी मृत्यु भी हो गई। मुख्य दरवाजा खोलने पर डकैती में शामिल अन्य घर में घुस गया। सभी ने लूटपाट करते हुए औरतों के जेवरात व नकदी लूट लिया। इस किशोर को अनुसंधान में नामित किया गया था। यह मामला हिलसा अनुमंडल न्यायालय के चर्तुथ एडीजे कोर्ट में लंबित था। यह मामला जेजेबी में फरवरी 21 में स्थानांतरित होने के बाद सुनवाई शुरू की गई थी जिसमें कुुुुल 14 साक्षियों का परिक्षण किया गया था। कोर्ट ने साक्ष्य परिश्रण के दौरान साक्षियों के कथनों में विरोधाभाष पाया था तथा साक्षियों ने किशोर का इस दौरान न तो नाम लिया और न ही पहचान परेड में किसी ने उसकी पहचान की। प्रधान दंडाधिकारी ने किशोर के उपर पारिवारिक जिम्मेदारी तथा साक्षियों के विरोधाभाषी कथनों एवं अन्य कोई कांड के किशोर के संलिप्त नहीं होने से एक अवसर देना न्यायोचित मानते हुए दोषमुक्त करने का आदेश दिया।

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