Majua Live Nalanda: आयोग उपभोक्ताओं को बाजार के धोखे से बचाने के लिए दृढ़् संकल्पित

Mahua Live Nalanda: राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के अवसर पर उपभोक्ता विवाद आयोग अध्यक्ष चन्द्रशेखर प्रधान की अध्यक्षता व सदस्य एवं सदस्या डा. अरूण कुमार एवं अनीता सिंह की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अध्यक्ष व सदस्यों ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की आयोग उपभोक्ताओं को बाजार के धोखे से बचाने के लिए दृढ़् संकल्पित है। उपभोक्ता यहां अपील कर बाजार एवं अन्य धोखे से मुक्ति पाये इसके लिए जरूरत है। उनमें जागरूकता लाने की। अधिवक्ता अरविंद कुमार, भूषण राय, कन्हैया कश्यप, संजय वर्मा, प्रमाेद शरण आदि ने भी संबोधित करते हुए कहा की उपभोक्ताओं को जागरूक व प्रेरित करने के लिए 5 लाख की दावेदारी तक कोई शुल्क नहीं लगता है। कार्यक्रम में आयोग कर्मी रविन्द्र प्रसाद, होरिल पासवान, माधुरी कुमारी, सूरज कुमार, आशीष राज, कबिता, स्नेहा ने सहयोग किया। तथा अधिवक्ता राजू खां, कुमार सिंदू, अशोक वर्मा, राजीव कांत शर्मा, मनोज सिंह आदि ने भाग लिया।जिला उपभोक्ता फोरम के तहत एक करोड़ की दावेदारी की शिकायत की जा सकती है। 5 लाख से अधिक 10 लाख की राशी तक 200 रूपये, 10 से 20 लाख 400 रूपये, 20 से 50 लाख तक 1000 रूपये व एक करोड़ तक 2000 रूपये दावेदारी दाखिला शुल्क निर्धारित है इससे अधिक राशी की दावे की शिकायत राज्य आयोग में हाेगी। धोखाधड़ी के दो साल के अवधी में स्थानीय व्यक्ति शिकायत कर सकता है। चाहे मामला किसी भी राज्य या स्थान से संबंधित है। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता अपने घर से भी विपक्षी पर बाद को आन लाइन ई फायलिंग कर सकते हैं। या इसे अपने प्रतिनिधि के जरीय भी दाखिल करा सकते हैं।आयोग के आदेश की अवहेलना पर वारंट और गिरफ्तारी का आदेश भी विपक्षी पर निर्गत किया जा सकता है। पूर्व में भी अवहेलना पर स्वलंबन कर्मचारी को. आरेटीव सोसायटी बैंक के प्रबंधक व सचिव सुधीर कुमार व दिलीप कुमार व गैर जमानती वारंट वारंट निर्गत कर निर्धारित तिथि तक कोर्ट के समक्ष पेश करने का आदेश दिया गया था। वहीं एक इन्च्यूट प्रिसिपल पर भी शिकायकर्ता को आदेश के बावजूद भुगतान न करने पर गैर जमानती वारंट निर्गत किया था। जिसके राज्य आयोग में अपील करने पर बचाव हो सका था। उपभोक्ता आयोग के संगठन में 65 वर्ष से कम आयु के रिटायर जज 4 वर्ष के लिए अध्यक्ष सह न्यायिक सदस्य नियुक्त किये जाते हैं। बर्सेते की कार्य अवधी तक 65 वर्ष पूर्ण नहीं हो। वर्तमान में इस पद पर चन्द्रशेखर प्रधान हैं। उन्हीं सदस्य के दो पद सृजित हैं। जिनपर भी यहीं अर्हता लागू होती है। वर्तमान में अधिवक्ता डा. अरूण कुमार व एक महिला सदस्य व अनीता सिंह इस पद पर स्थापित हैं। प्रधान सहायक पद आयोग में रिक्त होने के साथ 4 सृजित पदचर पदों पर एक भी नियुक्ति नहीं है। जबकि स्वीपर का एक स्वीकृत पर भी खाली है। जिससे आयोग कार्य में काफी समस्याएं हो रही है। फाइल ले जाने व लाने के कार्य में आनावश्यक विलम्व होता है क्योकि दाखिल के पूर्व आवेदन को जांच के लिए पदाधिकारी कार्यालय में भेजने फाइल ले जाने का कार्य होता है। वहीं साफ सफाई में भी मुश्किले आ रही है। सुरक्षा कार्ड नहीं होने पर नियंत्रण की समस्या पैदा हो रही है।शिकायतकर्ता को मिली राहत विवाद आयोग के आदेश वर्तमान में कई सहारा जमाकर्ता को राहत दे रही है। विवाद आयोग अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से मध्यता का तरीका निकालकर आदेश के बाद सुलह अदालत शुरूआत करने का आदेश दिया है। जिसमें अब तक आयोजित 3 सुलह अदालतों के तहत कुल 48 सहारा इंडिया बैंक जमाकर्ताओं के मामले सुलह के आधार पर निपटाये गये। और लगभग 10 लाख रूपये की अदायगी चेक के द्वारा की गई। सहारा इंडिया बैंक निराश जमाकर्ताओं की इससे बड़ी राहत मिली जबकि अभी कुल 50 हजार रूपये से कम राशी वाले शिकायकर्ताओं का ही निपटारा किया जा रहा है। स्थिति के अनुसार निकट भविष्य में इस राशि में वृद्धि होने की संभावना है।

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