Mahua Live Nalanda: राज्य में 1150 किशोर मामले का निपटारा कर जिला किशोर न्याय परिषद लगातार चौथे वर्ष रहा अव्वल।

Mahua Live Nalanda: जिला किशोर न्याय परिषद 2021 के जनवरी से नवम्बर 11 माह में कुल 1146 किशोर मामले का निपटारा करा लगातार चौथे वर्ष राज्य में सर्वाधिक निष्पादन करने वाला कोर्ट बना रहा। कोरोना संक्रमण में लॉक डाउन के बाधा से प्रभावित कार्य के बावजूद यह कोर्ट प्रधान दंडाधिकारी मानवेन्द्र मिश्र की अगुआई में अपने रिकार्ड को कायम कखते हुए वर्ष में एक हजार से उपर मामले का निष्पादन किया। इतना ही नहीं बल्कि प्रधान दंडाधिकारी विधि विरूद्ध किशोरों की चारित्रिक निर्माण की नित्य नई नीतिया लागकर उनके कौशल विकास के संसाधन जुटाने सहित स्वर्णीग भविष्य की प्रेरणा और चेतना जताने का सफल प्रयास किया है। जो निरंतर जारी है। जिसका परिणाम भी देखने को मिल रहा है। कई किशोर आवासन के दौरान हाई स्कूल और इंटर की परीक्षा अच्छे अंकों से उतीर्ण हुए और कुछ तो आवासन से छुटने के बाद देश सेवा की जज्वे को लेकर आर्मी पुलिस तथा अन्य जगहों पर नौकरी प्राप्त कर अपनी सेवाएं भी प्रधान कर रहे हैं। कुछ निर्धन गरीब किशोरों को पढ़ाई तथा अन्य खर्च के संसाधन भी मुहैया कराई प्रधान दंडाधिकारी के किशोर की स्वर्णिम भविष्य की चिंता और उसके लिए किये गये कार्य प्रवेक्षण गृह को प्रथम दृष्टिया ही देखने से प्रतित हो रहा है। उनकी मुहिम व्यवस्थापन और संचालन के प्रति गंभीरता को दर्शाती है। जिससे अपराध की ओर बढ़ रहे नादान कदम ठिठकर समाज की धारा में सर उठाकर चलने की योग्य बनकर आवासन से निकल रहे हैं। निपटारों की इस क्रम में 2021 के शुरूआत में कुल 1373 किशोर मामले लंबित है जिनमें 1146 का निपटारा किया गया। परन्तु इस दौरान 824 नाये मामले दाखिल हुए। कुल मिलाकर 955 मामले निपटारों की वाट जो रहे हैं। इस दौरान निपटाये गये कुल मामलों में 416 धारण, 503 गंभीर व 127 जगन्य अपराधों की मामले हैं किशोनों को सजा निर्धारण में उनके भविष्य का पूर्ण: कोर्ट ने ध्यान रखकर उन्हें सामाजिक धारा से जुड़ने का पूर्ण अवसर प्रदान करने का अवसर प्राप्त किया। कुछ मामलो का निर्धारण तो एक सप्ताह की सुनवाई अवधी में ही कर दी गई। जिनमें एक दुष्कर्म का भी मामला था जिसका निपटारा आरोप गठन के बाद मात्र एक दिन के सुनवाई में की गई थी कोर्ट ने समाज में कम या नाम मात्र की सजा को लेकर किशोरों को प्रलोभन देकर अपराध में शामिल करने की प्रवृति का खबर लेते हुए ऐसे गैगों पर कार्रवाई करने का एसपी को निर्देश निर्गत किया गया था। इतना ही नहीं बल्कि फर्जी स्कूल सर्टिफिकेट देकर व्यस्क को नावालिक साबित करा सजा कम कराने के उभरते धंधे को स्कूल कर्मी सहित गैंगों पर कार्रवाई कर ऐसे समूहों में भय का संचार करते हुए कारोबार पर कुुठाराघात किया। कई का उम्र सत्यापन करा व्यस्क साबित कर किशोर कानून का भेजा इस्तेमाल करने पर रोक लगाई। कोर्ट के सुधारात्मक और किशोर कानून के गलत इस्तेमाल का रोकथे तथा अशिकाधिक निष्पादन को सुगम बनाने में एपीपी जय प्रकाश व सदस्य उषा कुमारी ने पूर्ण सहयोग किया।

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