Mahua Live Nalanda: 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को जरूर पिलाएं दो बूंद पोलियो की खुराक : वैभव श्रीवास्तव

26 से 30 सितंबर तक पांच दिवसीय पोलियो अभियान की डीडीसी ने की शुरुआत

जिले में 5.50 लाख बच्चों को दी जाएगी “दो बूंद जिंदगी की”

आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा घर-घर जाकर पिलाई जाएगी पोलियो खुराक

Mahua Live Nalanda:- पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत जिले के सदर अस्पताल में डीडीसी वैभव श्रीवास्तव द्वारा बच्चों को दो बूंद ड्राप पिलाकर की गई। इस दौरान उन्होंने जिले के सभी लोगों को अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को 2 बूंद पोलियो की दवा जरूर पिलाने की अपील की है। पोलियो शरीर को लकवाग्रस्त कर देने वाली एक गंभीर बीमारी है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है पर बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण इससे ग्रस्त होने की सम्भावना ज्यादा होती है। इसलिए पोलियो को होने से पहले ही रोक देने के लिए 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से दो बूंद पोलियो की खुराक दी जाती है। सभी लोगों को अपने बच्चों को पोलियो से पक्की सुरक्षा के लिए दो बूंद की पोलियो खुराक आवश्य पिलानी चाहिए। उद्घाटन के दौरान सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार के साथ जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, यूनिसेफ एसएमसी, डब्ल्यूएचओ एसएमओ आदि उपस्थित रहे।

लकवाग्रस्त बीमारी है पोलियो

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा राजेंद्र चौधरी ने बताया पोलियो एक खतरनाक लकवाग्रस्त बीमारी है। पोलियो ज्यादातर रीढ़ के हिस्सों व मस्तिष्क को ज्यादा नुकसान पहुँचता है। किसी भी उम्र में यह बीमारी हो सकती है लेकिन बचपन में इसके संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए लोगों को अपने बच्चों को पोलियो की दवा जरूर पिलानी चाहिए। पोलियो ड्रॉप के साथ ही बच्चों को सम्पूर्ण टीकाकरण भी करवाना चाहिए जो बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों से बचाए रखता है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर सम्पूर्ण टीकाकरण सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है। इसलिए सभी लोगों को अपने बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाने के साथ ही सम्पूर्ण टीकाकरण जरूर कराना चाहिए।65 लाख बच्चों को पिलायी जाएगी पोलियो खुराक :

65 लाख बच्चों को पिलायी जाएगी पोलियो खुराक

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 5 लाख 50 हजार बच्चों को पोलियो की ड्राप पिलायी जानी है। कुल 1721 टीम का गठन किया गया है, जिसमे 184 ट्रांजिट टीम, 141 मोबाईल टीम और एक मेला टीम होगी। टीम द्वारा घरों, ईंट भट्ठों के साथ ही हाई रिस्क गांवों/टोलों में भी जाकर बच्चों को दवा पिलायी जाएगी। कुल 128 सब डीपो बनाए गए हैं और कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु 544 पर्यवेक्षक की नियुक्ति की गई है

कोरोना संक्रमण से बचाव का भी रखा जाएगा ध्यान

यूनिसेफ एसएमओ ने बताया कि पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव का भी पूरी तरह ध्यान रखा जाएगा। कर्मियों द्वारा दवा पिलाने के समय सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ मास्क, ग्लब्स के पूरी तरह इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.