Mahua Live Nalanda: पर्यटकों के आंखों से ओझल हुआ जरासंध का अखाड़ा।


मनियार मठ ,स्वर्ण भंडार एवं जरासंध अखाड़ा जैसे ऐतिहासिक धरोहर के पास बैरियर से पर्यटकों की बढ़ी परेशानी।

Mahua Live Nalanda:-राजगीर जिसकी पहचान मगध सम्राट जरासंध के नाम से आज भी हुआ करता है।मगध सम्राट से जुड़ी हुई कई ऐतिहासिक धरोहर आने वाले पर्यटकों के लिए काफी आकर्षण का केंद्र और जानकारी का भंडार रहा है। जरासंध का अखाड़ा इन्हीं में एक है, जो स्वर्ण भंडार के दक्षिण दिशा में जाने वाली बुद्धमार्ग पर स्थित है।जो भी देश विदेश के लोग राजगीर आते हैं, सभी पर्यटक जरासंध अखाड़ा का एक बार अवलोकन जरूर करते हैं।लेकिन जैसे ही इस मार्ग में नेचर सफारी को विकसित किया गया,यह अखाड़ा पर्यटकों के आंखों से ओझल हो चुका है। जिसका कारण है वन विभाग के द्वारा नेचर सफारी का शुभारंभ किये जाने के बाद स्वर्ण भंडार के निकट बैरिकेटिंग व टिकट काउंटर बना कर मार्ग को अबरुद्ध किया जाना है, और किसी भी व्यक्ति को इस मार्ग में प्रवेश को निषेध रखा गया है।उस मार्ग में नेचर सफारी जाने वाले लोगों को ही जाने की इजाजत है।जिन्हें वन विभाग के द्वारा बंद गाड़ी में ही जाने की इजाजत है,जिससे जरासंध अखाड़ा को देखने जाने बाले पर्यटकों को जाना असम्भव हो गया है।इसके कारण जरासंध अखाड़ा देखने की इच्छा लेकर आनेवाले पर्यटक आज आखाड़ा के दीदार से वंचित हो रहे हैं।और ऐतिहासिक धरोहर की देखने की जो उनकी लालसा लिये राजगीर पहुँच रहे हैं, वह लालसा उनके मन मे दबा का दबा ही  रह जा रहा है।बताते चलें कि यह जरासंध का अखाड़ा महाभारत काल से जुड़ा है,यह वही अखाड़ा है जहाँ भीम ने मल्ल युद्ध के दौरान जरासंध के दो टुकड़े किये थे।बताया जाता है कि भीम और और जरासंध में 18 दिनों तक युद्ध हुआ था। जिस अखाड़े में दोनों के बीच युद्ध हुआ वह आज भी राजगीर में मौजूद है। यहां अखाड़े के अवशेष साफ़ नज़र आते हैं।इस अखाड़े की दीवारें ऊंची हैं और इसके अन्दर मल्ल अभ्यास करने के लिए कई हिस्से बने हुए हैं।जरासंध के अखाड़े की सबसे ख़ास बात है यहां मौजूद मिट्टी, जो उजले रंग की है। ऐसा कहा जाता है कि जरासंध इस मिट्टी में रोजाना सैकड़ों लीटर दूध और दही मिलाया करता था।आज उसी को देखने की लालसा लेकर पर्यटक आते हैं लेकिन वन बिभाग की क्रूर नीति की बजह से बंचित हो रहे हैं।इसके आलावे मनियार मठ के पास भी बैरियर लगा दी गई है, जिससे पर्यटकों की परेशानी बढ़ती जा रही है।

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