Mahua Live Nalanda: दलालों के सहारे संचालित हो रहा है सीडीपीओ कार्यालय।

निर्धारित रकम नहीं देने पर आंगनबाड़ी सेविका को किया जा रहा परेशान।

Mahua Live Nalanda:-हिलसा शहर में अवस्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय दलालों के सहारे चल रहा है। दलाल और कोई नहीं कुछ खास आंगनबाड़ी सेविका के पति ही होते हैं। मांगी गई रुपए अगर नहीं देती है तो उन्हें सुपरवाइजर से तंग-तबाह किया जाता है। हालांकि इस संदर्भ में पूछे जाने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रीता कुमारी ने बताया कि इस तरह का आरोप बेबुनियाद है। भले ही कोविड-19 संक्रमण को लेकर आंगन बाड़ी केंद्र बंद है। लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र पर पढने वाले बच्चों के खाते में राशि पहुंच रही है। इसके बाद जिस तरह विद्यालय में मध्याह्न भोजन का चावल बच्चों के बीच दिया जा रहा है। इसी प्रकार आंगनबाड़ी केंद्र पर भी टेक होम राशन के लिए पैसे दिए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में एवं शहरी क्षेत्र में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र पर टेक होम राशन का वितरण भी किया जाता रहा है । हिलसा प्रखंड में 168 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रही है इसी प्रकार नगर परिषद हिलसा में 32 आंगनवाड़ी केंद्र है। केंद्र को सही तौर तरीके से संचालित करने के लिए एक सीडीपीओ रीता कुमारी एवं तीन सुपरवाइजर मधुबाला सिन्हा, नीलम सिन्हा एवं संगीता सिन्हा पदस्थापित है। इसके उपरांत भी बाल विकास परियोजना कार्यालय दलालों के सहारे चल रहा है। सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि कार्यालय के उतर गली में कोई और दलाल नहीं बल्कि आंगनबाड़ी सेविका के पति ही रहते हैं और आगनबाडी सेविका क्रय कॉपी इनके हाथों में पहुंचता है। उसके बाद ही कार्यालय के पटल पर रखा जाता है। ऐसा मामला सामने आ रहा है। लेकिन इस सम्बन्ध में जब बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रीता कुमारी से बात हुई तो उन्होंने कहा कि इस तरह के मामला बेबुनियाद और मनगढ़ंत है। अगर मुझे बदनाम करने के लिए इस तरह के गोरखधंधा संचालित हो रहा है तो चिन्हित कर दोषी लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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