बिन्द एवं सरमेरा सीडीपीओ से डीडीसी ने पूछा स्पष्टीकरण

346 केंद्रों के सेविका से स्पष्टीकरण तथा 140 सेविकाओं से अर्थदंड वसूली के आदेश

NALANDA । उप विकास आयुक्त वैभव श्रीवास्तव द्वारा उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में आई सी डी एस की बैठक की अध्यक्षता की गई।मातृ वंदन योजना के तृतीय किश्त में सबसे ज्यादा परियोजना के लंबित रहने पर बिन्द एवं सरमेरा के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को फटकार लगाई गई। दोनों सीडीपीओ से स्पष्टीकरण पूछते हुए उप विकास आयुक्त ने लंबित अनुदान हेतु आबंटन मांगने का निदेश दिया।
सभी सीडीपीओ को निदेश दिया कि वे परियोजना सहायक,समन्वयक से कराए जाने वाले फील्ड विजिट का डायरी/एक्टिविटी रजिस्टर संधारित करवायें तथा एपिकॉलेक्ट एप पर भी आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करवाएं। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को इसका अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया। एपिकॉलेक्ट एप के द्वारा की जानेवाली मॉनिटरिंग के तहत 622 केंद्रों के संचालन में पाई गई अनियमितता को देखते हुए 346 केंद्रों में सेविका से स्पष्टीकरण तथा 140 सेविकाओं से अर्थदंड वसूली के आदेश दिए गए ।एप पर अपलोड किए जाने वाले फोटो को चेक कर केंद्र के आधारभूत संरचनाओं को ठीक करने के निदेश भी सभी परियोजना पदाधिकारी को दिया गया।

प्रोग्राम पदाधिकारी आई सी डी एस से स्पष्टीकरण पूछा गया

उप विकास आयुक्त ने आदेश दिया की प्रत्येक माह सभी परियोजनाओं के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण एपिकलेक्ट एप पर शत-प्रतिशत करना सुनिश्चित करें। राष्ट्रीय पोषण मिशन योजना के तहत नियोजन की समीक्षा के क्रम में पता चला कि कुल तीन प्रखंडों में परियोजना सहायकों द्वारा योगदान नहीं दिया गया है जिसे प्रतीक्षा सूची से वरीयता प्राप्त अभ्यर्थियों को अविलंब नियोजित करने का निदेश दिया गया। तथा इस मामले मेंजिला प्रोग्राम पदाधिकारी आई सी डी एस से स्पष्टीकरण पूछा गया।सेविका/सहायिका के मृत्युपरांत मिलने बाली अनुग्रह अनुदान के तीन लंबित मामलों पर फटकार लगाई गई।

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